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*वर्षों से उपेक्षित माल पहाड़िया समुदाय के उत्थान के लिए सरकारी कवायत हुई तेज,गांव पहुँचे डीएम व एसपी ने लिया फीडबैक,दिया आवश्यक दिशा निर्देश.*

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✍️सुनील सम्राट✍️
✍️सुनील सम्राट✍️

 

सुनील सम्राट, बनमनखी (पूर्णियां):- शनिवार को जिला पिरामिड मंदिर बनमनखी के धरहरा चकला सहित पंचायत के वार्ड नंबर-1 बिरकोदर लात पहुंचे जहां उन्होंने माल पेंडिया समुदाय के लोगों से मिलकर अपने रहन-सहन को करीब से देखा और उनके जीवन को देखा। स्तर में बेहतर सुधार के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश मौजूद हैं। उनके साथ पुलिस अधीक्षक मो. माउंटेनिया समुदाय के लोगों से संबंधित जानकारी श्री कुमार ने कई तरह की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ओस ने कहा कि हाल में हुए सर्वेक्षण के अनुसार बनमनखी क्षेत्र के करीब 15 सौ के आसपास माललैंडिया समुदाय के लोगों की जानकारी सरकारी रिकार्ड में दर्ज की गई है। .जिसके बाद वे लगातार लगातार मिलने का प्रयास कर रहे थे। आज मौका मिला तो यहां पहुंचें और करीब से इन राहन सहन को देखा। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं जिनका सीधा लाभ आप लोग उठा सकते हैं। बढ़ते विकास और कुछ करने की इच्छा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए युवाओं की भागीदारी के साथ मुख्यमंत्री सहित कई महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई गई हैं। प्रोटोटाइप योजना, ईजेपी योजना सहित अन्य सामिल है जिसका लाभ लेने के लिए आप लोग आवेदन करें, इसके लिए हम सभी तरह की ट्रेनिंग और अन्य व्यवस्था करवा देंगे। जेल जज श्री कुमार ने कहा कि आप लोग अपने बच्चों को सही से लोग से सीखें, जहां भी बताएं उनका समाधान किया जाएगा। इस कार्यालय में थाना अध्यक्ष प्रिंस चौधरी, सीआई सैलून आलम, धरहरा चकला सहित कई पंचायत के मुखिया अरुणा देवी, समाजसेवी अनिल यादव, बाइके भारती, उपेन्द्र मुखिया, सुरेश मुखिया, रन बहादुर मुखिया, अमरनाथ मुखिया सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। .

*अब इनोवेटिव खेती में बेहतर स्कोप, ड्रैगन फूड की खेती से बदलाव संभव है।*

बनमनाखी आंध्र प्रदेश के सोमनाथ कुमार ने माल्या माउंटेनिया समुदाय के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पहले लोग धान-गेहूं की खेती करते थे। तब प्रति भिक्षु 25 से 30 हजार की कुल कमाई हुई थी। इसके बाद लोग मक्के की खेती करने लगे जिससे प्रति वर्ष 80 से 85 हज़ार का जश्न होता है। और 20 प्रतिशत प्रमाण पत्र में बने रहें और ड्रेगन फ़ायर और स्टोबरी की खेती की शुरुआत करें। इसके लिए हम सभी सहायक और प्रशिक्षण करवा देंगे। जिल श्री कुमार ने कहा कि ड्रेगन फ़ायर और स्टोबरी की खेती से काफी खोखलापन होता है। प्रतिनिधि 4 में से 5 लाख की कमाई आसानी से की जा सकती है। इस तरह की खेती की शुरुआत भवानीपुर ओर रुपौली से की जा रही है।

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*मालालैंडिया जनजाति के उच्च शिक्षार्थियों को रोजगार दिया जाएगा।*

ऐसे में माल माउंटेनिया समुदाय के प्रशिक्षित छात्र जो अब तक किसी कारण से नहीं मिले हैं, उन्हें मैक्सिकन आधारित उद्योग कहा जाता है। जाना चाहिए. स्तुति ने युवाओं को चित्रित करते हुए कहा कि आप लोग मन बना चुके हैं कि आप मुझे आगे बढ़ने से कुछ नहीं कर सकते। मैक्सिकन आधारित उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण करवाकर आप लोगों को मशीन की व्यवस्था दी जाएगी।ताकि आप लोग अपने घर में अपना उद्यम उद्योग कर खुद के साथ-साथ अपने परिवार के स्तर के जीवन को फिर से जीवंत कर सकें।


*राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलीं बनमनखी के माला माउंटेन जनजाति के लोगों ने की थी शिकायत.*

 

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दिनों माल माउंटेनिया समुदाय के एक सांस्कृतिक मंडल के वर्तमान राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से दिल्ली में मुलाकात हुई थी। नहीं मिल रहे हैं.शिक्षित युवा बच्चियां हैं.जिसके कारण वे लोग मासूमियत की जिंदगी जीने को मजबूर हैं. तब राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने इस बात पर सहमति जताई थी कि आप लोग अपने घर से बेहतर तरीके से कुछ दूर चले जाएंगे। इसके बाद मेमोरियल पूरियां ने अन्य सरकारी अमला सहित यहां पहुंच कर हम लोगों की सुधि ली है। लोगों ने राष्ट्रपति के प्रति शेयर धारकों के साथ काम किया है। .

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