Sampurn Bharat
सच दिखाने का जज्बा
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संपादकीय

मौत की धूल और पलायन का दर्द, क्या गरीब मजदूरों की जिंदगी इतनी सस्ती है?

पूर्णिया जिले के कसबा प्रखंड स्थित जियनगंज गांव से सामने आई दर्दनाक तस्वीर ने पूरे सीमांचल को झकझोर दिया है। रोजगार की तलाश में आंध्र प्रदेश गए…

फर्जी इलाज का कारोबार: बनमनखी में ‘सेवा’ के नाम पर सेहत से खिलवाड़.

बनमनखी में आखिरकार प्रशासन की नींद खुली—और खुलते ही जो दिखा, वह किसी मेडिकल व्यवस्था का आईना कम और एक संगठित ‘जुगाड़ तंत्र’ का जीवंत प्रदर्शन ज्यादा…

उत्तराधिकार की राजनीति बनाम सिद्धांत की कसौटी: निशांत के फैसले में संदेश क्या है?

बिहार की राजनीति लंबे समय से परिवारवाद, अवसरवाद और त्वरित सत्ता-सिद्धि के आरोपों से घिरी रही है। ऐसे परिदृश्य में जब किसी राजनीतिक उत्तराधिकारी के…

बिहार के ‘अग्रदूत’ नीतीश कुमार—बदलाव की वह धारा जिसने राज्य की तस्वीर बदली

संपादकीय | सम्पूर्ण भारत:-बिहार की राजनीति में जब भी विकास, सुशासन और प्रशासनिक सुधार की चर्चा होगी, तो Nitish Kumar का नाम प्रमुखता से लिया…

*सन्यास, प्रेम और समाज का न्याय—क्या बदलना अपराध है?.*

समाज की एक पुरानी प्रवृत्ति है—वह व्यक्ति को बदलते हुए स्वीकार करने में सबसे अधिक असहज महसूस करता है। खासकर तब, जब वह बदलाव उसकी बनाई हुई धारणाओं…

*“सिस्टम की सीढ़ी या सोने की खदान?”: जब अफसर, परिवार और ‘नौकरानी’ सब बन गए करोड़पति.*

सम्पूर्ण भारत डेस्क:-बिहार में एक बार फिर प्रशासनिक ईमानदारी की परतें उधड़ती नजर आ रही हैं। मामला एक ऐसे पुलिस अधिकारी से जुड़ा है, जिनके इर्द-गिर्द…

जेफ़्री एपस्टीन: जन्म से पतन तक-शक्ति, संपत्ति और विवाद की पूरी कहानी.?

दुनिया के बदलते मीडिया परिदृश्य में कुछ घटनाएँ केवल समाचार नहीं रहतीं, बल्कि वैश्विक विमर्श का विषय बन जाती हैं। आज “Epstein Files” की चर्चा विश्व…

गिरफ्तारी या संदेश? पप्पू यादव केस से बिहार की राजनीति में भूचाल

बिहार की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। पप्पू यादव की हालिया गिरफ्तारी ने राज्य में कानून, राजनीति और लोकतंत्र के रिश्ते को लेकर नई बहस छेड़ दी…

डिजिटल मीडिया का प्रभाव: सूचना की गति, जिम्मेदारी और लोकतंत्र.

डिजिटल मीडिया ने सूचना के स्वरूप और प्रसार की दिशा को पूरी तरह से बदल दिया है। जहां कभी-कभी खबरों के लिए अखबार या टीवी बैले का इंतजार किया जाता था,…