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बिहार के पूर्णियां में जमीन माफिया का नाया कारनामा,बिना प्रशासनिक अनुमति का बना दिया नदी में पुल.

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PURNEA:-पुल को लेकर बिहार में राजनीति जमकर होती है । कभी गंगा नदी में निर्माणाधीन पुल गिर जाता है तो कभी पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। लेकिन अब पूर्णिया में एक नया मामला सामने आया है। जहां जमीन माफियाओं ने कोसी नदी में पुल बना दिया है। इस पुल के बनने से नदी की धारा भी प्रभावित हो रही है। वह पुल भी ऐसा जो कभी भी धराशाई हो सकता है।

 

पूर्णिया नगर निगम के वार्ड नंबर 4 रहमत नगर में श्मशान कारी कोसी नदी पर जमीन माफियाओं ने 60 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा पुल बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल जमीन माफियाओं ने बनाया है। कुछ जमीन माफियाओं ने नदी के दूसरी छोर पर 28 बीघा जमीन खरीदा है। जो कि लगभग 15 करोड रुपए मूल्य का है। उस जमीन को बेचने के लिए इन माफियाओं ने बिना सरकार से या नगर निगम से परमिशन लिए नदी पर पुल बना दिया है। लोगों की माने तो इस पुल के निर्माण में नदी के ही लोकल बालू का प्रयोग किया गया है ।

 

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साथ ही पुल का नीव भी महज 3 फीट अंदर है । स्थिति यह है कि एक ट्रैक्टर के चढ़ने पर यह पूल ध्वस्त हो जाएगा या बारिश के समय पानी का बहाव होने पर भी पुल ध्वस्त हो सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पुल के निर्माण होने पर कोसी नदी का बहाव रुक जाएगा। जो कोसी नदी लगभग 100 मी चौड़ाई में बहती है वह 60 फीट के अंदर सिमट जाएगा। जिससे कटाव के साथ-साथ अन्य तरह का भी खतरा हो सकता है ।

वही सूचना मिलते ही नगर निगम के सिटी मैनेजर और अन्य कर्मी पुलिस प्रशासन के साथ जेसीबी लेकर पुल तोड़ने के लिए पहुंचे। जहां जमीन माफियाओं के लोग और कुछ स्थानीय लोगों ने पुल तोड़ने का विरोध किया। इसके बाद नगर निगम कर्मी जेसीबी लेकर लौट गए । इस बाबत जब हमने सिटी मैनेजर पवन कुमार से पूछा तो उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने आवेदन दिया है की नदी पर अवैध तरीके से पुल बना लिया गया है। इसका कहीं से कोई एनओसी नहीं लिया गया है। जिला प्रशासन के आदेश पर वह पुल तोड़ने के लिए आए थे। लेकिन लोगों के विरोध के चलते उन्हें वापस जाना पड़ रहा है। वह इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को देंगे। वहीं वार्ड नंबर 4 के वार्ड पार्षद राजीव राय का कहना है कि उन्हें भी जानकारी मिली थी कि नदी पर कुछ लोगों ने पुल बना दिया है। लेकिन किसने पुल बनाया है यह उन्हें पता नहीं है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन माफियाओं के साथ वार्ड पार्षद की भी मिली भगत है ।

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