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नीलगाय के आतंक से परेशान राधानगर के किसान पूस की रात में रातजग्गा करने को मजबूर,सुधि लेने वाला बन विभाग बने हुए हैं संवेदनशून्य.

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(S.K.SAMRAT)

बनमनखी(पूर्णियां):-पूर्णियां जिला के बनमनखी में नील निल गाय के आतंक से किसान परेशान हो रहे हैं.जिसकी सुधि लेने वाला संवेदनशून्य बने हुए हैं.लिहाज महंगे भाव मे खाद और बीज खरीदकर  खेत में फसल लगाने वाले किसान अपनी फसल की सुरक्षा वास्ते खुद रातजग्गा करने को मजबूर हो रहे हैं.ताजा मामला प्रखंड के राधानगर गांव की बताई जा रही है.जहां इस दिनों खेत मे लहलहाती गेहूं सहित मक्का की फसल को घोरपड़ा यानी नील गाय खा कर बर्बाद कर रही है वहीं सैकड़ों की संख्या में झुंड बनाकर खेतों मे विचरण करती इन गायों के द्वारा फसल को सामूल नष्ट किया जा रहा है.इधर नीलगाय के आतंक से परेशान रातजग्गा कर रहे राधानगर के एक किसान का फ़ोटो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से ट्रेंड कर रहा है.विभिन्न सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फ़ोटो में एक किसान पेड़ के निकट खटिया पर बैठे हुए हैं उनके एक हाथ मे लाठी तो दूसरे हाथ मे टोर्च है.जबकि चारों तरह भीषण सितलहर का नजारा देख बरबस मुंसी प्रेमचंद्र की पूस की रात वाली व्यथा साफ बयां करती नजर आ रही है.बहरहाल फ़ोटो वायरल होने के बाद से स्थानीय युवा द्वारा बन विभाग से नीलगाय के आतंक पर रोक लगाने की मांग की जा रही हैं.स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षो से राधानगर बहियार में दर्जनों नीलगाय किसान के गेहूं एवं मक्का के फसलों को बर्बाद कर रहे है.बाबजूद बन विभाग सुस्त है.राधानगर के किसान रविन्द्र कुमार, मूंगालाल यादव,बिमल यादव,जयकुमार यादव,उमाशंकर यादव,गोबरधन यादव,प्रदीप यादव,मोहिचन्द यादव,डब्ल्यू यादव,राजीव यादव,अरविंद यादव,बब्लू यादव,नरेेश यादव,गोपाल यादव,कपिलदेव मंडल,बिशो मंडल,बिहारी साह सहित अन्य किसान का कहना है कि इस घोरपारा द्वारा फसल की क्षति होने पर सरकार मुआवजा नहीं देती है.वन विभाग के अधिकारी इसे नहीं पकड़ते है तो हमलोग चरण बद्ध तरीके से आन्दोलन करने के लिए बाध्य होगें.

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