Sampurn Bharat
सच दिखाने का जज्बा

के०नगर अंचल में ‘कागजी जमीन’ का खेल: भू-माफिया–अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी रजिस्ट्री और म्यूटेशन का बड़ा सिंडिकेट उजागर.

News Add crime sks msp
- Advertisement -

- Advertisement -

Neta ji

सम्पूर्ण भारत,के०नगर(पूर्णियां) के०नगर प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े का एक संगठित खेल सामने आ रहा है, जिसमें भू-माफियाओं और अंचल कार्यालय के कुछ कर्मियों की कथित सांठगांठ से ‘कागजी जमीन’ तैयार कर हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। तकनीकी हेरफेर के जरिए वैध दस्तावेजों की फोटोकॉपी से डीड नंबर और खेसरा बदलकर नए फर्जी केवाला (रजिस्ट्री) तैयार किए जा रहे हैं, और फिर मोटी रकम लेकर इनका दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) भी कराया जा रहा है।

 

महाराजगंज की रजिस्ट्री, देवीनगर में म्यूटेशन: झुन्नी इस्तमबरार पंचायत के देवीनगर मौजा (थाना नंबर 137) का मामला इस पूरे खेल की गंभीरता को उजागर करता है। मूल रैयत बसंत कुमार चौधरी द्वारा मो. मुस्तफा, मो. वजीर और सम्राट कुमार डे के नाम वर्ष 2020 में (दस्तावेज संख्या 2224) जमीन की बिक्री की गई थी।

 

पूर्व में तत्कालीन अंचलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने जांच के बाद इस जमीन के दाखिल-खारिज आवेदन को खारिज कर दिया था। बावजूद इसके, दस्तावेज संख्या 2124 के आधार पर पुनः केस संख्या 559/25-26 में आवेदन कर म्यूटेशन करा लिया गया।

 

जांच में सामने आया कि उक्त दस्तावेज संख्या 2124 केनगर अंचल का है ही नहीं, बल्कि पूर्णिया पूर्व अंचल के महाराजगंज क्षेत्र से संबंधित है। आरोप है कि राजस्व कर्मचारी आशीष कुमार, कार्यपालक सहायक भूषण साह और राजस्व अधिकारी भवेश कुमार सिंह की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा संभव हुआ।

 

हड़ताल के बीच CO की लॉगिन आईडी से म्यूटेशन: दूसरा मामला सतकोदरिया पंचायत (वार्ड 9) का है, जहां खाता संख्या 662, खेसरा 1838 की 89 डिसमिल जमीन में गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि मंजू लाल गोस्वामी ने अपने पिता का नाम बदलकर जमींदार सुमिरीत गोस्वामी के नाम से फर्जी केवाला तैयार कराया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अंचलाधिकारी दिवाकर कुमार के हड़ताल पर रहने के बावजूद उनकी लॉगिन आईडी का उपयोग कर 7 अप्रैल को केस संख्या 5523/25-26 में म्यूटेशन कर दिया गया।

 

News Add crime sks msp
- Advertisement -

- Advertisement -

News add 2 riya
Advo

पूछताछ में संबंधित राजस्व कर्मचारी रमेश कुमार ने “बड़ी गलती हो गई” कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। वहीं, जमींदार के वंशजों—संतोष, मंतोष, मनोहर और योगेश गोस्वामी—ने ग्राम कचहरी में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

अधिकारियों के बयान:

“जमींदार की आपत्ति दर्ज है। मामले को सक्षम न्यायालय भेजकर जमाबंदी रद्दीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।”
— भवेश कुमार सिंह, राजस्व अधिकारी सह प्रभारी अंचल अधिकारी

 

 “मैं हड़ताल पर हूँ। मेरे लॉगिन से छेड़छाड़ कैसे हुई, यह गंभीर मामला है। लौटते ही जांच करूंगा।”
— दिवाकर कुमार, अंचलाधिकारी, केनगर

 

 “मामला अभी संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो गहन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
— रवि राकेश, एडीएम, पूर्णिया

 

प्रशासन पर सवाल, जांच की मांग तेज: लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने अंचल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो क्षेत्र में जमीन से जुड़े विवाद और बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

News Add 3 sks
- Advertisement -

- Advertisement -

SBN self add new reporter
- Advertisement -

- Advertisement -

Sampurn Bharat Banner
- Advertisement -

- Advertisement -

SBN self add new reporter