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पूर्णिया। आकाशवाणी रोड स्थित सहयोग प्रांगण में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत सहयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करते हुए की।
इस अवसर पर युवाओं एवं बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं विचारों पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में राजा कुमार ने प्रथम, दीपाली पांडे ने द्वितीय तथा मनोज ऋषि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने लेखन सामग्री देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी और स्वावलंबन के सिद्धांतों के लिए जाना जाता है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह एवं भारत छोड़ो आंदोलन के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचार आज भी समाज को सत्य, शांति, भाईचारे, स्वच्छता एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने बताया कि गांधी जयंती को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्रीजी सादगी, ईमानदारी, दृढ़ इच्छाशक्ति और उच्च नैतिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं। उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ देश के सैनिकों और किसानों के योगदान के प्रति सम्मान का संदेश देता है। उन्होंने शास्त्रीजी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सहयोग की वरिष्ठ सदस्य डॉ. के.के. चौधरी, राजा कुमार सिंह, मणिगिरी गोस्वामी, राजेश गोस्वामी, प्रीतम, आस्था, सतीश एवं संजीवनी सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।