Sampurn Bharat
सच दिखाने का जज्बा

मकर संक्रांति: एक ही दिन, अनगिनत परंपराओं का पर्व,भारत की विविधता में छिपी एकता का अनूठा उत्सव.

मकर संक्रांति पर हमारी यही कामना है कि आपके जीवन में भी नया उजाला, नई ऊर्जा और नई खुशियाँ भर जाएँ। आपके परिवार में सुख-समृद्धि आए और आपका हर कार्य उत्तरायण सूर्य की तरह ऊँचाइयों की ओर बढ़े।...see more

- Advertisement -

- Advertisement -

News Add crime sks msp
Neta ji

(S.K. SAMRAT)(S.K. SAMRAT)

क्या आप जानते हैं कि भारत में ऐसा शायद ही कोई पर्व होगा, जिसके इतने रूप, इतने नाम और इतनी परंपराएँ हों—फिर भी भावना एक ही रहे? मकर संक्रांति ऐसा ही पर्व है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से शुरू हुआ यह उत्सव भौगोलिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधताओं का अद्भुत संगम है। एक ही दिन को भारत के अलग-अलग हिस्से अपनी-अपनी रीति और स्वाद में ढाल लेते हैं, लेकिन मूल भावना हर जगह शुभता, कृतज्ञता और नई ऊर्जा की ही रहती है।

 

संक्रांति: ऋतुओं के परिवर्तन का सामाजिक उत्सव
कृषि प्रधान देश भारत में मौसम की हर करवट सिर्फ प्रकृति का बदलाव नहीं, बल्कि जनजीवन का रीसेट भी है। मकर संक्रांति शीत ऋतु के उत्तरायण में बदलने का प्रतीक है—एक नई रोशनी, नई शुरुआत और नए संकल्प का दिन। खेतों में लहलहाती फसलें, खलिहानों में नई उम्मीद, घरों में तिल-गुड़ की मीठी सुगंध—सब मिलकर इसे केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन उत्सव बना देते हैं।

भारत के अलग-अलग कोनों में संक्रांति का अनोखा रंग।:-

 

1. उत्तर भारत – दान और तिल-गुड़ की मिठास
उत्तर भारत में मकर संक्रांति को दान पर्व माना गया है। कड़ाके की सर्दी में तिल और गुड़ सिर्फ मिठास नहीं बढ़ाते, बल्कि यह ‘गरमाहट’ और ‘सद्भाव’ का प्रतीक हैं।
यहाँ खिचड़ी, तिल-लड्डू, और पवित्र नदियों में स्नान इस पर्व की पहचान हैं।

 

2. बिहार और पूर्वी भारत – ‘खिचड़ी’ और लोकगीतों की गूंज
बिहार में संक्रांति को ‘खिचड़ी’ नाम से जाना जाता है। लोग तिल, गुड़, दही और चीनी के साथ परंपरागत भोजन करते हैं। गांवों में लोकगीत, सूर्य की आराधना और दान-पुण्य इस त्योहार को जनजीवन का हिस्सा बना देते हैं।

 

3. पश्चिम बंगाल – ‘पौष पर्व’ का सांस्कृतिक वैभव
पश्चिम बंगाल में संक्रांति को पौष संक्रांति कहा जाता है। यहाँ का ‘पिठा पर्व’ प्रसिद्ध है—नारियल, गुड़ और चावल से बने पकवान इस दिन के खास व्यंजन हैं।

 

- Advertisement -

- Advertisement -

Advo
News Add crime sks msp
News add 2 riya

4. गुजरात और राजस्थान – आकाश में उड़ती पतंगें, मन में उड़ान की उमंग
गुजरात, राजस्थान और कई हिस्सों में यह दिन पतंग महोत्सव के रूप में जाना जाता है।नीले आकाश में रंग-बिरंगी पतंगें सिर्फ खेल नहीं, बल्कि उड़ान, स्वतंत्रता और खुशी की प्रतीक हैं।

 

5. महाराष्ट्र – तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला
महाराष्ट्र में संक्रांति का सबसे सुंदर संदेश है—
“तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला”यानी तिलगुल लें और मीठा-मीठा बोलें।सामाजिक सद्भाव और रिश्तों को मधुर बनाने का यह उत्कृष्ट संदेश संक्रांति की आत्मा को और गहरा करता है।

 

6. दक्षिण भारत – पोंगल की खुशियाँ और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता
तमिलनाडु में मकर संक्रांति पोंगल के रूप में मनाई जाती है—चार दिन का भव्य उत्सव।यहाँ सूर्य, पशुधन, धरती और प्रकृति को धन्यवाद देने की परंपरा है।कर्नाटक और आंध्र में भी यह दिन ‘सुगरू’ और ‘संक्रांति’ के रूप में विशेष महत्व रखता है।

 

7. पंजाब – लोहड़ी की आग और उत्साह
पंजाब में संक्रांति का स्वागत एक दिन पहले लोहड़ी के रूप में होता है।अग्नि के चारों ओर लोकगीत, ढोल और नृत्य—यह आनंद और सामूहिकता का पर्व है।

 

भिन्न परंपराएँ, एक ही भावना
भारत में संक्रांति चाहे किसी नाम से मनाई जाए—
खिचड़ी हो, पिठा हो, पोंगल हो, तिलगुल हो या पतंगें—मूल भावना एक ही है:कृतज्ञता, सद्भाव और नए मौसम का स्वागत।यह विविधता सिर्फ उत्सव का रूप नहीं बदलती, बल्कि यह बताती है कि भारत की संस्कृति कितनी गहरी, विशाल और बहुरंगी है।मकर संक्रांति हमें यह सीख देती है कि एकता समानता में नहीं, बल्कि विविधता को सम्मान देने में है।

 

समाज के लिए संदेश: आज के समय में जब दुनिया विचारों, भाषाओं और जीवनशैली के नाम पर बंटती जा रही है, संक्रांति हमें जोड़ने का काम करती है।यह पर्व एक सरल, मगर शक्तिशाली संदेश देता है—“सूर्य की तरह सबको रोशनी दो, तिल-गुड़ की तरह जीवन में मिठास फैलाओ।”

 

सम्पूर्ण भारत डिजिटल के पाठकों के लिए विशेष शुभकामनाएँ
मकर संक्रांति पर हमारी यही कामना है कि आपके जीवन में भी नया उजाला, नई ऊर्जा और नई खुशियाँ भर जाएँ।
आपके परिवार में सुख-समृद्धि आए और आपका हर कार्य उत्तरायण सूर्य की तरह ऊँचाइयों की ओर बढ़े।

- Advertisement -

- Advertisement -

News Add 3 sks
Sampurn Bharat Banner
- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

SBN self add new reporter
SBN self add new reporter