
सम्पूर्ण भारत,बायसी (पूर्णिया) प्रखंड क्षेत्र में बीती देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अचानक बदले मौसम के इस कहर से खेतों में लगी मक्का की फसल बुरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, करीब छह महीनों की कड़ी मेहनत और लागत से तैयार की गई फसल तेज हवा और बारिश की मार नहीं झेल सकी। आंधी के चलते मक्का के पौधे बड़े पैमाने पर गिर गए, जिससे उत्पादन पर भारी असर पड़ने की आशंका है।

किसान तहसीन, मुन्ना, ललित यादव, विकास कुमार और वीरेंद्र शाह समेत कई किसानों ने बताया कि पहले से ही महंगाई और बढ़ती लागत से परेशान किसान अब इस प्राकृतिक आपदा से पूरी तरह टूट चुके हैं। फसल बर्बादी ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके और वे इस संकट से उबर सकें।
किसानों का कहना है कि यदि समय पर सरकारी सहायता नहीं मिली, तो उनके सामने अगली फसल की तैयारी करना भी मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ही किसानों के लिए राहत का एकमात्र सहारा बन सकती है।







