Sampurn Bharat
सच दिखाने का जज्बा

*बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: 4 हजार की रिश्वत लेते महिला पर्यवेक्षिका रंगेहाथ गिरफ्तार, निगरानी की सख्त कार्रवाई से हड़कंप।*

महज 4 हजार रुपये की रिश्वत भले ही रकम में छोटी हो, लेकिन नियत और सिस्टम को खोखला करने वाला अपराध है। निगरानी की यह कार्रवाई न सिर्फ दोषियों के लिए चेतावनी है, बल्कि ईमानदार कर्मियों के लिए भी यह संदेश है कि कानून उनके साथ खड़ा है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच किस दिशा में जाती है और क्या और बड़े खुलासे होते हैं—इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

- Advertisement -

- Advertisement -

Neta ji
News Add crime sks msp

पूर्वी चंपारण (केसरिया)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया प्रखंड में तैनात एक महिला पर्यवेक्षिका को 4,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद महिला एवं बाल विकास से जुड़े महकमे में हड़कंप मच गया है।

शिकायत से जाल तक: ऐसे फंसी रिश्वतखोर: प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला पर्यवेक्षिका पर आरोप था कि वह आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ी पोषाहार/प्रोत्साहन राशि के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग कर रही थी। पीड़ित पक्ष ने इसकी लिखित शिकायत निगरानी विभाग से की।शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर निगरानी टीम ने पूर्व नियोजित ट्रैप लगाया। तय समय और स्थान पर जैसे ही पर्यवेक्षिका ने 4,000 रुपये स्वीकार किए, टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया।

रंगेहाथ गिरफ्तारी, मौके पर बरामदगी:निगरानी टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद की। ट्रैप की कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई, जिसमें स्वतंत्र गवाह भी मौजूद रहे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए निगरानी कार्यालय लाया गया।

News add 2 riya
- Advertisement -

- Advertisement -

Advo
News Add crime sks msp

किन धाराओं में केस:सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आगे की जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या? पहले भी इस तरह की अवैध वसूली हुई है? क्या अन्य कर्मचारी/अधिकारी इसमें संलिप्त रहे हैं? आंगनबाड़ी योजनाओं के भुगतान में कहीं व्यापक गड़बड़ी तो नहीं?

निगरानी का सख्त संदेश: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी योजनाओं में रिश्वतखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर महिलाओं, बच्चों और गरीब लाभार्थियों से जुड़ी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया: इस कार्रवाई के बाद केसरिया और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार होती रही, तो सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों तक पहुंचेगा और सिस्टम में भरोसा बढ़ेगा।

निष्कर्ष: महज 4 हजार रुपये की रिश्वत भले ही रकम में छोटी हो, लेकिन नियत और सिस्टम को खोखला करने वाला अपराध है। निगरानी की यह कार्रवाई न सिर्फ दोषियों के लिए चेतावनी है, बल्कि ईमानदार कर्मियों के लिए भी यह संदेश है कि कानून उनके साथ खड़ा है।
आने वाले दिनों में इस मामले की जांच किस दिशा में जाती है और क्या और बड़े खुलासे होते हैं—इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

- Advertisement -

- Advertisement -

News Add 3 sks
SBN self add new reporter
- Advertisement -

- Advertisement -

Sampurn Bharat Banner
- Advertisement -

- Advertisement -

SBN self add new reporter