Sampurn Bharat
सच दिखाने का जज्बा

*चंद्रमा को अपने सुंदरता पर था बड़ा घमंड,तो श्री गणेश जी ने दिया था श्राप,उसी श्राप से मुक्ति के लिए गणेश जी के साथ चन्द्रमा कि की जाती है पूजा.*

*क्या है पर्व के पीछे की कहानीः*

- Advertisement -

- Advertisement -

News Add crime sks msp
Neta ji

PURNEA:-अनुमंडल क्षेत्र में चौरचन का त्योहार पूरे धूमधाम से मनाया जाता है. चौरचन को चौठचंद्र भी बोलते हैं.मिथाला में मनाया जाने वाला चौठचंद्र ऐसा त्योहार जिसमें चांद की पूजा बड़े धूमधाम से की जाती है.मिथिला के अधिकांश त्योहारों का नाता प्रकृति से जुड़ा होता है. ये व्रत पुत्र की दीर्घायु के लिए किया जाता है.बनमनखी से मिथला का बहुत पुराना मैत्रिक संबंध रहा हैं.ऐसे में ये पर्व यहां भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है.सथानीय वर्ती बताती हैं कि चौरचन के दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत करती हैं. इसके साथ ही शाम को भगवान गणेश की पूजा के साथ चांद की विधि विधान से पूजा कर अपना व्रत तोड़ती हैं.पूजा स्थल पर पिठार (पीसे चावल से) से अरिपन बनाया जाता है. फिर उसी अरिपन पर बांस से बने डाली (पथिया) में फल , पिरुकिया, टिकरी, ठेकुआ, और मिट्टी के मटकुरी में दही जमा कर पूजन सामग्री के साथ घर के सभी लोग चंद्र देव को अर्ध्य देते है. उसके बाद घर के वरिष्ठ सदस्य (पुरुष) मरर भांगते है जिसमे खीर दाल पूरी के साथ साथ फल मिठाई दही इत्यादि रहता है. फिर सभी लोग मिलके प्रसाद रूपी खीर पूरी फल मिठाई दही इत्यादि ग्रहण करते है.

*क्या है पर्व के पीछे की कहानीः*

- Advertisement -

- Advertisement -

News add 2 riya
Advo
News Add crime sks msp

ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद के चौठ के दिन भगवान गणेश ने चंद्रमा को शाप दिया था. पुराणों में लिखा गया है कि चंद्रमा को अपने सुंदरता पर बड़ा घमंड था.उसने भगवान गणेश का उपहास किया. इससे गुस्सा होकर गणेश ने चांद को शाप दे दिया. उन्होंने कहा कि जो भी इस दिन चांद देखेगा उसे कलंक लगने का डर रहेगा. इस शाप से मुक्ति पाने के लिए भादो मास में के चतुर्थी तिथि के दिन चांद ने भगवान गणेश की पूजा अर्चना की. चांद को अपनी गलती का एहसास था इसलिए भगवान गणेश ने उसे वर दिया कि जो भी मेरी पूजा के साथ तुम्हारी पूजा करेगा उसे कलंक नहीं लगेगा.

*पर्व को लेकर बाजारों में जम कर हुई खरीददारी:-

चौरचंद पर्व को लेकर बनमनखी अनुमंडल मुख्यालय स्थित बाजारों में वार्तियों द्वारा जमकर खरीदारी हुई.खासकर मिटटी से बने छंछी,कंद,फल एवं मिठाई की जमकर खरीदारी हुई.महिलाएं अखंड पूजा के लिए वस्त्र आदि की खरीददारी किया.इस दौरान बाजारों में काफी चहल पहल देखि गयी.
फोटो:बाजारों में खरीदारी करते लोग.

- Advertisement -

- Advertisement -

News Add 3 sks
- Advertisement -

- Advertisement -

Sampurn Bharat Banner
- Advertisement -

- Advertisement -

SBN self add new reporter
- Advertisement -

- Advertisement -