Sampurn Bharat
सच दिखाने का जज्बा
Browsing Category

संपादकीय

*नितिन नबीन: अचानक नहीं, सुनियोजित उभार की कहानी.*

भारतीय राजनीति में कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जो पहली नज़र में चौंकाते हैं, लेकिन जब उनके भीतर झांका जाए तो वे वर्षों की तैयारी, संगठनात्मक धैर्य और…

*बनमनखी चीनी मिल: वादों की मिठास और साइलो की कड़वी हकीकत.*

बनमनखी (पूर्णिया)।:बिहार की औद्योगिक बदहाली और किसानों की टूटती उम्मीदों की कहानी अगर कहीं सबसे स्पष्ट दिखती है, तो वह बनमनखी की बंद पड़ी चीनी मिल…

*“बनमनखी में रजक की एंट्री से सियासत में मचा भूचाल — महागठबंधन ने खेला मास्टर स्ट्रोक!”*

“बनमनखी में रजक की एंट्री से सियासत में मचा भूचाल — महागठबंधन ने खेला मास्टर स्ट्रोक!” बनमनखी विधानसभा सीट पर महीनों की खींचतान, सियासी…

*“टिकट का मौसम और डांडिया की धुन”*

 “टिकट का मौसम और डांडिया की धुन” बिहार में चुनावी बिगुल बजते ही सियासत का डांडिया शुरू हो गया है —हर पार्टी अपने-अपने रंग के कपड़े पहनकर नाचने…

*धमदाहा की सशक्त आवाज़: मंत्री लेशी सिंह का संघर्ष और सफर.*

-:विशेष संपादकीय:- बिहार की राजनीति में महिला नेतृत्व की जब भी चर्चा होती है, तो धमदाहा की विधायक सह मंत्री लेशी सिंह का नाम अग्रणी पंक्ति में आता…

*युवा वकीलों को आर्थिक सहारा : उम्मीदों से भरी एक पहल या अधूरी तैयारी?*

*युवा वकीलों को आर्थिक सहारा : उम्मीदों से भरी एक पहल या अधूरी तैयारी?* ✍️ सम्पूर्ण भारत | विशेष संपादकीय ✍️ बिहार सरकार ने हाल ही में यह घोषणा…

*“पूर्णियां के बैरगाछी से बिहार के मुख्यमंत्री तक का सफ़र”*

“पूर्णियां के बैरगाछी से बिहार के मुख्यमंत्री तक का सफ़र” ✍️ स्मृति विशेष संपादकीय ✍️ आज हम याद कर रहे हैं बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला…

*“गोरेलाल मेहता महाविद्यालय: हिंदी दिवस या फॉर्च्यूनर दिवस?”*

“गोरेलाल मेहता महाविद्यालय: हिंदी दिवस या फॉर्च्यूनर दिवस?” हिंदी दिवस और स्थापना दिवस का मंच था। अवसर था भाषा और संस्कृति की गरिमा बढ़ाने का,…

नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध — जब “लाइक” की जगह गोलियाँ चलीं।

संपादकीय: नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध — जब "लाइक" की जगह गोलियाँ चलीं। नेपाल सरकार ने 4 सितंबर 2025 को फेसबुक, एक्स (ट्विटर), यूट्यूब,…