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संपादकीय
कफन पर छूट और सिस्टम की चुप्पी-यह दृश्य भारत के विवेक को झकझोरने वाला है…?
(ADVOCATE S.K.SAMRAT)
देश के कई हिस्सों में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को तो प्रभावित किया ही है, लेकिन इससे अधिक चिंता का विषय वह ख़बर है,…
*अमानत या एग्रीमेंट? यतीमखाना की ज़मीन पर सवालों का रजिस्ट्रेशन!*
पूर्णिया(बिहार):-यतीमखाना की ज़मीन… नाम सुनते ही संवेदना जागती है। लेकिन महाराजगंज–2 एवं जियनगंज पंचायत में यही ज़मीन आज संवेदना नहीं, सौदे की…
*फर्जी प्रमाणपत्रों की परतें और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल.*
बिहार की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। नियोजित शिक्षकों की योग्यता जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह पूरे…
*कुर्सी से ज्यादा सड़क पर—पप्पू यादव की राजनीति का पूरा सफ़र.*
पूर्णिया(बिहार):-कोशी–सीमांचल की राजनीति में कुछ चेहरे चुनावी नतीजों से पहचाने जाते हैं, लेकिन कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जिनकी पहचान भीड़, भरोसे और…
*बनमनखी की राजनीति का मौन रणनीतिकार, मंच पर नेता, पर्दे के पीछे चलता है दिमाग.*
पूर्णिया (बिहार):पूर्णिया जिले की बनमनखी विधानसभा की राजनीति अक्सर एक नाम के इर्द-गिर्द घूमती रही है— कृष्ण कुमार ऋषि। लेकिन इस लगातार जीत की श्रृंखला…
*संपादकीय: डेटा की कीमत, अपराध की तकनीक और सिस्टम की परीक्षा.*
बिहार के पूर्णिया से सामने आया साइबर अपराध का ताज़ा मामला किसी एक व्यक्ति, एक जिले या एक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। यह दरअसल उस डिजिटल युग की…
*पुण्यतिथि विशेष : सरदार पटेल — सत्ता नहीं, राज्य संचालन का शाश्वत पाठ.*
इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिन्हें केवल याद नहीं किया जाता, बल्कि जिनसे सीखा जाता है।सरदार वल्लभभाई पटेल उन्हीं में से एक हैं। उनकी…
*नितिन नबीन: अचानक नहीं, सुनियोजित उभार की कहानी.*
भारतीय राजनीति में कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जो पहली नज़र में चौंकाते हैं, लेकिन जब उनके भीतर झांका जाए तो वे वर्षों की तैयारी, संगठनात्मक धैर्य और…
*बनमनखी चीनी मिल: वादों की मिठास और साइलो की कड़वी हकीकत.*
बनमनखी (पूर्णिया)।:बिहार की औद्योगिक बदहाली और किसानों की टूटती उम्मीदों की कहानी अगर कहीं सबसे स्पष्ट दिखती है, तो वह बनमनखी की बंद पड़ी चीनी मिल…
