आंधी में सड़क पर गिरा पीपल का पेड़, दूसरे दिन भी नहीं हटा- फुलबारी में आवागमन ठप, ग्रामीणों में रोष.

सम्पूर्ण भारत, बैसा (पूर्णिया) अमौर विधानसभा क्षेत्र में बीती रात आई तेज आंधी-तूफान के बाद बैसा प्रखंड के फुलबारी गांव में एक बड़ा हादसा टल तो गया, लेकिन जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। गांव की मुख्य सड़क पर वर्षों पुराना पीपल का विशाल पेड़ गिर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

 

ग्रामीणों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दे दी गई थी, लेकिन घटना के दूसरे दिन बीत जाने के बावजूद पेड़ हटाने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

आवागमन ठप, रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित:-सड़क अवरुद्ध होने के कारण ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे, कामकाजी लोग और मरीजों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में वाहन का गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।

 

प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल:-स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ हटाया जाता, तो आमजन को इस तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।

 

जनप्रतिनिधियों ने उठाई मांग:-इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी आवाज उठने लगी है। जिला परिषद क्षेत्र संख्या-32 से प्रत्याशी सुमन असद रब्बानी और यजदानी राज ने प्रशासन से अविलंब सड़क से पेड़ हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

 

तत्काल कार्रवाई की जरूरत:-ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क से पेड़ नहीं हटाया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। फिलहाल, फुलबारी गांव के लोग प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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