*वायरल वीडियो में कथित अशोभनीय नृत्य पर प्रशासन की कार्रवाई.*
*बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक एवं एएनएम पद से हटाए गए, प्रपत्र ‘क’ गठित करने का आदेश*

बनमनखी(पूर्णिया):-सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित रूप से अशोभनीय नृत्य करने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार अनुमंडलीय अस्पताल, बनमनखी के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. प्रिंस कुमार सुमन तथा एएनएम कंचन रानी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने हेतु प्रपत्र ‘क’ गठित करने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी द्वारा निर्गत आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया एवं विभिन्न स्थानीय समाचार माध्यमों में प्रसारित वीडियो के अवलोकन से यह प्रतीत होता है कि उक्त दोनों कर्मियों द्वारा हाथ में गिलास लेकर फिल्मी गीत “पिले ले पिले ओ मोरे राजा…पिले पिले ओ मोरी रानी…” पर नृत्य किया जा रहा है, जो किसी सरकारी कार्यालय में पदस्थापित पदाधिकारी एवं कर्मियों के लिए निर्धारित आचरण मानकों के प्रतिकूल है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के कंडिका–03 के उपबंध (1), (2) एवं (3) के अंतर्गत निर्धारित उच्च नैतिक आचरण एवं सेवा मर्यादा के प्रतिकूल प्रतीत होता है। उक्त नियमों के अनुसार प्रत्येक सरकारी सेवक को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में शालीनता, अनुशासन एवं सेवा मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है तथा ऐसा कोई आचरण नहीं करना चाहिए जिससे सरकारी सेवा की गरिमा प्रभावित हो।

प्रकरण में स्पष्टीकरण प्राप्त होने के उपरांत जिला पदाधिकारी ने प्रशासनिक हित को दृष्टिगत रखते हुए डॉ. प्रिंस कुमार सुमन को प्रभारी उपाधीक्षक, अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी के पद से मुक्त करते हुए उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बी. कोठी में प्रतिनियुक्त करने का आदेश दिया है। वहीं एएनएम कंचन रानी को भी अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी से हटाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बैसा में प्रतिनियुक्त किया गया है।
साथ ही चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार को अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी का प्रभारी उपाधीक्षक नियुक्त करते हुए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की गई हैं।
जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन, पूर्णिया को निर्देश दिया है कि संबंधित कर्मियों के विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव विभाग को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।इस कार्यवाही से एक तरफ जहाँ सोशल मीडिया हेंडरल ने खुशी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को साधुबाद एवं आभार प्रकट किया वहीं दोषी चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मी जो कल तक सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करने वाले ऐक्टिविस्ट पर झूठा मुकदमा एवं मानहानि का दावा कर रहे थे.? उसकी बैचेनी ओर बढ़ गया है।देखना दिलचस्प होगा कि ऐसे पदाधिकारी पर आगे क्या कार्यवाही होती है? फिलहाल सबकी निगाह जिला प्रशासन की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई है।







