गोरेलाल मेहता कॉलेज में शैक्षणिक बदलाव की तैयारी
स्टाफ काउंसिल बैठक में विकास का मास्टर प्लान, अनुशासन-स्वच्छता पर विशेष जोर

बनमनखी (पूर्णिया): पूर्णिया विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित अंगीभूत इकाई गोरेलाल मेहता कॉलेज में शैक्षणिक गुणवत्ता और बुनियादी ढाँचे के सुदृढ़ीकरण को लेकर बुधवार को स्टाफ काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राधानगर स्थित ‘केतकीवनम्’ परिसर में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. प्रमोद भारतीय ने की।
बैठक का माहौल सकारात्मक और उत्साहपूर्ण रहा, जिसमें कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कई दूरदर्शी प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत परिचय सत्र से हुई, जिसमें हाल ही में नियुक्त शिक्षकों ने वरिष्ठ शिक्षकों के साथ संवाद स्थापित करते हुए अपने अनुभव साझा किए। प्रधानाचार्य ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए संस्थान के भावी दृष्टिकोण से अवगत कराया।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. प्रमोद भारतीय ने अपने कार्यकाल के पिछले सात महीनों की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार करना है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक कैलेंडर और अनुशासन को सुदृढ़ करने के बाद अब प्राथमिकता बुनियादी सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर है, ताकि छात्रों को बेहतर और वैश्विक स्तर का शैक्षणिक माहौल मिल सके।

विकास से जुड़े प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में कॉलेज के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए —
- शैक्षणिक स्तर को सुदृढ़ करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करने की योजना, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
- छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला छात्रावास की स्थापना पर सहमति।
- आधुनिक कैंटीन, पुस्तक भंडार और प्राथमिक स्वास्थ्य इकाई की शुरुआत का प्रस्ताव।
- परिसर में स्वच्छता मानकों को सख्ती से लागू करने तथा अनुशासन बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड पर विचार।
- छात्रों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के लिए कॉलेज पत्रिका के प्रकाशन का निर्णय।
सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर जोर
हाल में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह की सफलता का उल्लेख करते हुए सदस्यों ने भविष्य में इसे और व्यापक स्तर पर आयोजित करने का सुझाव दिया। फूड स्टॉल, पुस्तक मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजन की विशेष उपलब्धि बताया गया।
बैठक में डॉ. गिरिधारी हजारा, डॉ. रमीज़ अहमद, कौशल किशोर, डॉ. चांदनी कुमारी, डॉ. रणविजय कुमार, डॉ. शारदा वंदना, आनंद सागर, डॉ. प्रणव प्रशांत, डॉ. काजल कुमारी, डॉ. अंकिता आनंद तथा डॉ. अर्पिता राय सहित कई शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किए। प्रशासनिक सहयोग के लिए प्रधान सहायक बाबुल कुमार शर्मा समेत अन्य कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ, एनसीसी कैडेट्स तथा स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे।







