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कलयुग में श्रीमद् भागवत् कथा श्रवण मात्र से हीं श्रीहरि भगवान् विष्णु की होती है कृपा:आचार्य व्यास अवधेश कृष्ण कुंंदन.

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कलयुग में श्रीमद् भागवत् कथा श्रवण मात्र से हीं श्रीहरि भगवान् विष्णु की होती है कृपा:आचार्य व्यास अवधेश कृष्ण कुंंदन.

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प्रतिनिधि,बनमनखी:-बनमनखी प्रखंड के काझी हृदयनगर पंचायत स्थित ब्राह्मण टोला के श्री कृष्ण मंदिर प्रांगण में सनातन भगवत परिवार एवं जनसहयोग से संगीतमय श्रीमद् भगवत् कथा भक्ति ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है.आयोजन में वृदांवन से आये कथावाचक आचार्य व्यास अवधेश कृष्ण कुंंदन जी महराज ने कहा कि कलयुग में श्रीमद् भागवत् कथा श्रवण मात्र से हीं श्रीहरि भगवान् विष्णु की कृपा होती है. इस महापुराण में जीवन का एक बहुत बडा़ सार छिपा हुआ है. आचार्य श्री महाराज ने भागवत् कथा के दौरान कहा कि चौरासी लाख योनियों के भटकने के बाद जीव को मानव रूपी तन की प्राप्ति होती है. मगर अज्ञानी मनुष्य इसकी महत्त्व को नहीं पहचान पाता है. मनुष्य लोभ, मोह, अहंकार, मिथ्या, छल-प्रपंच आदि पाप कर्मों में अपने शरीर को नष्ट कर देते हैं.उन्होंने कहा भागवत् महापुराण सुनने से बैंकूण्ठ अर्थात मोक्ष की प्रप्ति होती है. भागवत का यज्ञ करने से इलाका का वातवरण शुद्ध होता है. देवता के प्रसन्न होने से देवत्व कि प्रप्ति होती है. उन्होंने कहा कि कलियुग में भागवत् कथा का श्रवण करना सबसे पुण्यकारी काम माना गया है. भागवत कथा का श्रवण करने का अवसर भी लोगों को प्रभु की इच्छा से मिलती है. आचार्य श्री महराज ने कहा कि श्रीमद भागवत् कथा श्रवण करने से ही पुण्य मिलता है. खासकर जो व्यक्ति भागवत कथा का श्रवण करता है उसे जीवन में सुख-समृद्धि, शांति आती है. उन्होंने कहा इसके श्रवण मात्र से जीव को इस लोक में समस्त सुखों की प्राप्ति होती है, साथ ही मृत्यु उपरांत परलौकिक सुखों की भी प्राप्ति होती है. उन्होंने कहा कि जो पुण्य हमें गंगा स्नान करने, काशीवास करने, जीवन पर्यत तीर्थो पर भ्रमण करने से प्राप्त होता है.वही पूण्य भागवत कथा सुनने से प्राप्त होता है.श्री महराज ने कहा परमात्मा सत्य हैं, परमात्मा चित्त हैं, परमात्मा आनंद का स्वरूप है, वह परम पिता परमात्मा विश्व को उत्पन्न करने वाला है, पूरे विश्व का कल्याण करने वाला है और तीनों ताप दैविक, दैहिक, भौतिक का विनाश करने वाला है. ऐसे ही तीनों तापों को नाश करने वाले भगवान श्री कृष्ण को मैं बार बार नमन करता हूं.इधर भागवत् कथा से वातावरण पूरी तरह भक्ति मय हो गया है और भक्त भावविभोर हो रहे हैं. कथाा से संपूर्ण गांव भागवत् मय हो गया है. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से सुभाषचंद्र झा, धीरेंद्र नारायण झा, नवीन मिश्र, संजीव झा, नरेंद्र कुमार झा, सोहन कुमार, ब्रजेश मिश्र, अनित कुमार मंटी, अमित कुमार, विलास राम, सत्यदेव झा, मिथिलेश झा के अलावा सैकड़ों ग्रामीण जुटे हुए हैं.

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