Sampurn Bharat
सच दिखाने का जज्बा

*छठ महापर्व सदियों से विज्ञान और आस्था का निर्मल स्त्रोत है:-विशाल*

- Advertisement -

News Add crime sks msp

- Advertisement -

*छठ महापर्व सदियों से विज्ञान और आस्था का निर्मल स्त्रोत है:-विशाल*

- Advertisement -

- Advertisement -

News add 2 riya

बनमनखी(पुर्णिया):-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई बनमनखी के नगर सह मंत्री व छात्र नेता विशाल कुमार सिंह ने कहा कि छठ महापर्व सूर्य उपासना का सबसे बड़ा त्योहार होता है.इस पर्व में भगवान सूर्य के साथ छठी माई की पूजा-उपासना विधि-विधान के साथ की जाती है. यह सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है. उन्होंने कहा कि भारतीय पर्व व अनुष्ठान मानव जीवन के प्रकृति को पूजन धन्यवाद नमन करने की एक सामूहिक समाज को एक साथ अभिवादन करने का विधा है.जिस सूर्य से दिन ऊर्जा रूपी प्रकाश मिलता है.इस प्रकार रात में शीतलता प्रदान होती है.अंत हम सब अस्ताचलगामी उदायाचली भास्कर को नमन कर कृतज्ञता व्यक्त करते हैं.इसे व्यक्त करने के लिए योग के माध्यम से चार दिन के कार्यक्रम से सुद्धता को प्राप्त कर अर्ध्य के रूप में व्यक्त करते हैं.चुकी मानव प्रकृति द्वारा रचित सबसे सुंदर रचना है. पंचतत्व से निर्मित मनुष्य के प्रकृति ही सही से विकसित करने का कार्य करती है. इसलिए हम सभी को प्रकृति के अनुरूप कार्य करने चाहिए. किंतु जब प्रकृति के साथ खिलवाड़ होता है तो मनुष्य का विनाश होता है.छठ पर्व हमें प्रकृति के अनुरूप कार्य और व्यवहार को बताता है.भारत में यूं तो अनेकों पर्व त्यौहार मनाया जाता है उसमें से एक पर्व छठ महापर्व भी है जो सदियों से विज्ञान और आस्था का निर्मल स्रोत बना हुआ है. संस्कृत समागम का यह पवित्र निर्मल छठ अन्य धर्मलंबियों के लिए ऊर्जा का स्रोत है.यह मानवता की छठ है.साथ जीने का छठ है. यह बिहार की पर्व है.विविधता के बावजूद एकता में बने रहने का छठ महापर्व है. जैसे की हमारे कण कण में रक्त वायु का संचार होता है.जिसके माध्यम से हम जिवित रहते हैं.उसी प्रकार छठ महापर्व का नाम लेते ही हमारे शरीर में अलग प्रकार के उर्जा का संचार होता है.जिसकी ब्याख्या करना असंभव है. इसलिए छठ महापर्व बिहार ही नहीं बल्कि भारत के लगभग सभी राज्य में एक रूपता के साथ मनाए जाने वाला महापर्व है.

- Advertisement -

News Add 3 sks

- Advertisement -

- Advertisement -

Sampurn Bharat Banner

- Advertisement -

Neta ji