प्रतिनिधि, बनमनखी (पूर्णियां):- बनमनखी प्रखंड अंतर्गत रामनगर फरसाहि मिलिक पंचायत में दो दिवसीय वार्षिक कबीर मेला संत मत सत्संग का आयोजन कुंवारी के कबीर मठ आश्रम के महंत रणवीर साहब के अध्यक्षता में प्राथमिक विद्यालय जीवछपुर कुवारी मध्य के क्रिरा मैदान में आयोजित की गई जिसमें जीवन ज्योति केंद्र पूर्णिया के आचार्य स्वामी जितेंद्र साहब ने प्रवचन देते हुए कहे की मनुष्य शरीर में आने का अपने को सौभाग्य मानिए क्योंकि इसी शरीर में मानस ध्यान मानस जाप करके आप परमात्मा की प्राप्ति कर सकते हैंजब परमात्मा की प्राप्ति आपको हो जाएगी तो आपका मनुष्य शरीर में आने का मकसद पूर्ण हो जाएगा और तब आप सुख दुख जीवन मरण के चक्कर से सदा के लिए छूट जाएंगे उन्होंने अपने प्रवचन में कहे कि हमारा देश धर्म परायण देश है यहां की इतिहास कहती है कि सदियों से हमारे यहां विभिन्न धर्मों एवं उनके अनुयायियों का अपना-अपना मत रहा है लेकिन विचार करने पर ऐसा प्रतीत होता है कि हमारे यहां आपस में भाईचारा एकता प्रेम की मिसाल विदेशों में भी लोग इनकी मिसाल मानते हैं इस अवसर पर विजय शरण साहेब अयोध्या उत्तर प्रदेश वासुदेव साहेब नेपाल बेचन साहब मिथिलेश साहब साध्वी फुलेश्वरी पार्वती अररिया रघुनंदन साहेब स्वामी रंजीत साहब इस ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया मनोज पासवान पूर्व सरपंच दीपनारायण पासवान मोतीलाल राम पूर्व पंचायत समिति सदस्य पुतुल भारती प्रखंड अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ राष्ट्रीय जनता दल बनमनखी अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक संघ जिला शाखा पूर्णिया के जिला अध्यक्ष तरुण कुमार पासवान जिला संगठन प्रभारी नवीन कुमार बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ प्रखंड इकाई बनमनखी के प्रखंड अध्यक्ष नीतीश कुमार प्रखंड सचिव ललन कुमार निराला प्रखंड कोषाध्यक्ष पंकज कुमार प्रखंड संयुक्त सचिव कुमोद कुमार सिंह उर्फ अंजयसिंह प्रधानाध्यापक अनिल कुमार यादव आशुतोष कुमार सिंह उर्फ राजा सिंह शिक्षक विनय कुमार मंडल सदानंद मंडल प्रकाश दास उपेंद्र यादव शंकर यादव बबलू डब्लू रामानंद मंडल मिथिलेश पासवान शिव कुमार ऋषि देव छोटा धर्मा बड़ा धर्मा सोनू कुमार आदि की भूमिका अहम रही परमात्मा सब को सुख शांति और समृद्धि प्रदान करें।
Sign in
Sign in
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.
Trending
- डिजिटल मीडिया का प्रभाव: सूचना की गति, जिम्मेदारी और लोकतंत्र.
- जनसंवाद क्यों जरूरी है: विश्वास, जवाबदेही और समाधान की प्रक्रिया.
- भ्रष्टाचार पर मीडिया की भूमिका: निगरानी, सच और जनहित.
- ग्रामीण भारत की आवाज़: लोकतंत्र की असली पहचान
- बनमनखी में निजी विद्यालयों की एकजुटता को नई दिशा.
- “विश्व हिंदी दिवस: भाषा का उत्सव, पहचान का आत्मसम्मान”
- कफन पर छूट और सिस्टम की चुप्पी-यह दृश्य भारत के विवेक को झकझोरने वाला है…?
- अलमारी नहीं, अलमारी की “अंतरात्मा” लूटने आया था चोर!चढ़ा पुलिस के हत्थे.
- *अमानत या एग्रीमेंट? यतीमखाना की ज़मीन पर सवालों का रजिस्ट्रेशन!*
- *फर्जी प्रमाणपत्रों की परतें और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल.*
- Advertisement -
- Advertisement -

इस खबर पर आपकी कोई शिकायत या सुझाव हो तो हम तक अपनी बात पहुचायें । मेल करें [email protected]
- Advertisement -


