पूर्णिया(बिहार):.दहेज उत्पीड़न मामले में वारंट निर्गत होने के बाद भी मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने के मामले में अमौर के थानाध्यक्ष के वेतन को बंद करने का आदेश दशम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा जारी किया गया है. इसकी प्रतिलिपि आईजी को भी भेजी गई है. घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि अमौर थाना कांड संख्या 281/ 2014 मामले में 22 मार्च 2022 को मुख्य अभियुक्त के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था. लेकिन इसके बावजूद भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं की गई. इसके बाद ज्ञापांक 498 दिनांक 17 जून 2022 को निर्गत किया गया. जिसका क्रियान्वयन प्रतिवेदन न्यायालय को अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है. इसके बाद ज्ञापांक 498, 603 दिनांक 25 जुलाई 2022 को थानाध्यक्ष अमौर को कारण पृच्छा नोटिस निर्गत किया गया था. जिसका जवाब 5 अगस्त 2022 के पूर्व न्यायालय में देना था. लेकिन इस मामले का जवाब अभी तक नहीं दिया गया. जबकि उक्त कांड की निगरानी पटना उच्च न्यायालय के द्वारा किया जा रहा था. अदालत ने इसे थानाध्यक्ष की लापरवाही माना और कहा कि 27 नवंबर के पूर्व तक जवाब नही देने की स्थिति में अमौर थानाध्यक्ष के वेतन को बंद किया जाय.
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