पटना, संवाददाता (सम्पूर्ण भारत):बिहार सरकार ने प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए 41 अंचलाधिकारियों (सीओ) को निलंबित कर दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने यह कार्रवाई “भूमि सुधार जनकल्याण संवाद” कार्यक्रम में अनुपस्थिति और कार्य में लापरवाही के आरोप में की है। विभाग ने सभी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी तैयारी शुरू कर दी है।
निलंबित 41 अंचलाधिकारियों की सूची:
- रंजीत कुमार उपाध्याय – मखदुमपुर, जहानाबाद
- पुष्कल कुमार – पहाड़पुर, पूर्वी चंपारण
- रश्मि प्रिया – राघोपुर, सुपौल
- मधुसूदन चौधरी – नारदीगंज, नवादा
- निलिमा अग्रवाल – श्रीनगर, पूर्णिया
- अंजना कुमारी – टेटिया बंबर, मुंगेर
- मोहित सिसौदिया – परवलपुर, नालंदा
- नजमुल हसन – जोकीहाट, अररिया
- सुमन सौरभ – हिसुआ, नवादा
- विवेक कुमार सिंह – गौनाहा, पश्चिम चंपारण
- ललित कुमार – पीरो, भोजपुर
- पुनीत कौशल – खगड़िया सदर
- नरेन्द्र कुमार सिंह – बाढ़, पटना
- अमित कुमार – बेलदौर, खगड़िया
- विकास आनंद – घाटकुसुंभा, शेखपुरा
- शैलेन्द्र कुमार यादव – दाउदनगर, औरंगाबाद
- गुलनाज मेहता – बेलागंज, गया
- प्रेम आनंद प्रसाद – सोनभद्र बंसी सूरजपुर, अरवल
- कुमार रोहित – तरियानी, शिवहर
- संजीव कुमार – पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया
- विजेन्द्र सिंह – बोधगया, गया
- मनीष कुमार – बरारी, कटिहार
- उदयकांत मिश्रा – चौसा, मधेपुरा
- मोहित राज – पोठिया, किशनगंज
- पंकज कुमार – सिसवन, सिवान
- सतीश कुमार सिंह – इसुआपुर, सारण
- प्रशांत कुमार झा – झंझारपुर, मधुबनी
- रविकांत – मनीगाछी, दरभंगा
- रविकांत – लक्ष्मीपुर, जमुई
- राकेश आनंद – बरहट, लखीसराय
- मनीष कुमार गुप्ता – चांद, कैमूर
- रंजीत रमन – विभूतिपुर, समस्तीपुर
- नंदन कुमार – चेरिया बरियारपुर, बेगूसराय
- विवेक कुमार मिश्रा – मधुबनी
- संजय कुमार – सहायक चकबंदी पदाधिकारी, भोजपुर
- सुधीर ओझा – राजस्व अधिकारी, मुख्यालय
- आयुष चंद्र हंस – गोपालगंज
- राम विकास सिंह – राजस्व अधिकारी, जहानाबाद
- रजत कुमार बर्तवाल – गोपालगंज
- सौरभ कुमार – दावथ, रोहतास
- अमलेश कुमार – सीओ, एकमा (सारण)
कार्रवाई के प्रमुख कारण
- भूमि सुधार संवाद कार्यक्रम में अनुपस्थिति
- उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना
- राजस्व संग्रह में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं
- प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही
सरकार का सख्त संदेश:
सरकार ने साफ किया है कि जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में लापरवाही अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निलंबित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और आगे और कड़ी कार्रवाई संभव है।
निष्कर्ष:
यह कार्रवाई बिहार प्रशासन में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे स्पष्ट है कि सरकार अपने कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की ढिलाई को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।