*जर्जर भवन में चल रहा रुपौली बाल विकास परियोजना कार्यालय, छत गिरने का खतरा, कर्मियों को हो रही भारी परेशानी.*

सम्पूर्ण भारत, पूर्णिया ब्यूरो (रूपौली):रूपौली प्रखंड स्थित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) कार्यालय इन दिनों जर्जर भवन में संचालित हो रहा है, जिससे वहां कार्यरत कर्मियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि छत के हिस्से जगह-जगह से टूटकर गिर रहे हैं, जिससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

 

कार्यालय में जगह की कमी के कारण कर्मचारियों को कार्य निष्पादन में काफी दिक्कत हो रही है। सीमित स्थान और असुरक्षित माहौल के बीच कार्य करना कर्मियों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक भवन के जीर्णोद्धार या नए भवन निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) पुष्पा रानी ने बताया कि जर्जर भवन की स्थिति को देखते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित रूप से नया भवन निर्माण कराने की मांग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नया कार्यालय बनने से कार्यों के संचालन में सुगमता आएगी और सेविकाओं सहित सभी कर्मियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

सीडीपीओ ने यह भी बताया कि कार्यालय परिसर के पास शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से भी कर्मियों को भारी परेशानी होती है। दूर-दराज से आने वाली सेविकाओं को विशेष रूप से असुविधा का सामना करना पड़ता है।

 

इस संबंध में रूपौली प्रखंड प्रमुख प्रतिमा कुमारी (पति गोपाल मंडल) ने भी भवन की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि शौचालय की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर उनके फंड से जल्द ही दूर किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि शौचालय निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराकर कर्मियों को राहत दी जाएगी।

स्थानीय लोगों एवं कर्मियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि सुरक्षित वातावरण में बाल विकास से जुड़े कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

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