राजधानी भोपाल में चोरों की दुनिया ने अब ड्रेस कोड भी तय कर लिया है। कोलार इलाके से पकड़ा गया यह चोर सिर्फ घरों में नहीं घुसता था, बल्कि सीधे महिलाओं की अलमारी के सबसे “संवेदनशील” हिस्से पर हाथ साफ करता था।
बीती रात अमरनाथ कॉलोनी में साहब छत के रास्ते उतरे, बालकनी से अंडरगारमेंट्स उठाए और ऐसे फुर्र हुए जैसे फैशन शो का रैंप उनका इंतज़ार कर रहा हो। घर वालों ने शोर मचाया, चोर भागा—लेकिन किस्मत ने कहा, “आज रिटर्न टिकट है।” जेब से गिरा श्रमिक कार्ड पुलिस के लिए वही बना, जो चोरों के लिए अक्सर बनता है—सबूत।
पुलिस ने जब दीपेश नाम के इस स्टाइल आइकन को उसके घर से पकड़ा, तो सीन और भी दिलचस्प था—चोरी का माल उसने पहन रखा था। यानी सबूत अलमारी में नहीं, शरीर पर टंगा मिला। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसे पहनने का शौक है और पहनकर ही सोना ज्यादा सुकून देता है।
अब पुलिस यह भी खंगाल रही है कि यह ‘फैशन टूर’ कितनी कॉलोनियों तक फैला है। उधर मोहल्ले में महिलाएं अलमारी संभाल रही हैं और पुरुष सोच रहे हैं—चोरी भी अब टैलेंट मांगने लगी है!
कभी चोर सोना-चांदी ले जाते थे, अब “कंफर्ट” ले जा रहे हैं। अपराध बदला है, नीयत वही है—बस स्वाद थोड़ा अजीब हो गया है।